काश आती न तेरी याद मसीहा बनके
हम भी मिट जाते कोई ज़ख्म ए तमन्ना बनके
नश्तर में दम कहाँ था कि मेरी आह निकाले
एक तेरा जाना था कि हम खाक हुए
नासूर सा दिल में दबा है कहीं कुछ
या खुदा तेरी हसीं निशानी बनके
हर चमकता सितारा रोशन है आसमाँ में
तेरी सुनहरी तस्वीर बनके
मिले रूह को आराम और सुकू तुम्हे ए मेरे भाई
रहना साथ हमेशा कोई फ़रिश्ता बनके
काश आती न तेरी याद कोई मसीहा बनके
हम भी मिट जाते कोई ज़ख्म ए तमन्ना बनके
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